उच्च शिक्षा संस्थान में विदेशी भाषा की कक्षाओं में अहिंसक संचार कौशल का विकास
सारांश: आधुनिक शिक्षा प्रक्रिया पूरी तरह से सभी विषयों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण और प्रत्येक व्यक्ति की चेतना के मनो-भावनात्मक घटकों पर आधारित व्यक्तिगत दृष्टिकोण के सिद्धांतों पर टिकी है। इस अवधारणा के आधार पर, शिक्षकों और छात्रों के बीच संबंधों का स्वरूप मानवीकरण के अनुरूप आधुनिक बनाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप Marshall Rosenbergके अहिंसक संचार मॉडल में प्रस्तुत पद्धति का अनुप्रयोग प्रासंगिक हो जाता है। यह लेख उपरोक्त मॉडल और इसकी विशेषताओं के साथ-साथ उच्च शिक्षण संस्थानों में विदेशी भाषा की कक्षाओं में इसके उपयोग की संभावनाओं और अवसरों पर चर्चा करता है, ताकि शैक्षिक गतिविधियों की उत्पादकता बढ़ाई जा सके और विषयों के बीच अंतःक्रिया की समस्याओं का समाधान किया जा सके।
मुख्य शब्द: अहिंसक संचार, वाक् कौशल, प्रभावी संचार, सहानुभूति, संघर्ष-मुक्त संवाद।